Monday, February 24, 2025

लाहौरी परपाट

लाहौरी परपाट एक स्थापत्य शैली है जो मुगल वास्तुकला में प्रयुक्त होती थी। इसे विशेष रूप से लाल बलुआ पत्थर और संगमरमर से बनी इमारतों में देखा जाता है।

विशेषताएँ:

1. झुका हुआ आधार (Batter Base) – लाहौरी परपाट में दीवारों का आधार थोड़ा झुका हुआ होता है, जिससे संरचना अधिक मजबूत बनती है।


2. लाल बलुआ पत्थर और चूने का प्लास्टर – इस शैली में ईंटों के ऊपर चूने का प्लास्टर किया जाता था, जिससे सतह चिकनी और टिकाऊ बनती थी।


3. छोटे गुम्बद और मेहराब – इस शैली में मेहराबदार द्वार और छोटे गुम्बदों का प्रयोग अधिक किया जाता था।


4. कंगूरेदार परपाट (Battlemented Parapet) – इसमें दीवारों के ऊपरी भाग पर कंगूरे बनाए जाते थे, जो सुरक्षा और सजावट दोनों के लिए महत्वपूर्ण थे।



उदाहरण:

लाल किला (दिल्ली)

लाहौर किला (पाकिस्तान)

आगरा किला


लाहौरी परपाट मुगलकालीन किलों और महलों की निर्माण शैली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था, जिसे अकबर, जहांगीर और शाहजहाँ के काल में खूब अपनाया गया।

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